लेसन 6 / 7 · जनरल इंश्योरेंस के क्लेम — गहराई से

Arbitration: यह कैसे काम करता है

जनरल इंश्योरेंस में arbitration: पारंपरिक clause में क्या आता था, IRDAI के अक्टूबर 2023 के सर्कुलर ने retail और commercial पॉलिसी के लिए इसे कैसे बदला, और Arbitration and Conciliation Act, 1996 के तहत arbitration कैसे चलता है।

तथ्य-जाँच: 8 अक्टूबर 2026गेम में 7 प्रैक्टिस सवाल

Arbitration क्या है

Arbitration विवाद सुलझाने का एक तरीका है, जिसमें मामला एक स्वतंत्र arbitrator, या arbitrators के panel, के सामने जाता है, और उनका award मानना ही होता है। भारत में यह Arbitration and Conciliation Act, 1996 के तहत चलाया जाता है। यह एक निजी प्रक्रिया है: पक्ष इसे आपसी समझौते से चुनते हैं, और इसका खर्च वही उठाते हैं।

पारंपरिक clause और 2023 का बदलाव

जनरल इंश्योरेंस पॉलिसी में परंपरा से एक clause होता था जो विवादों को arbitration में भेजता था। यह clause सीमित था। यह सिर्फ़ वहीं लागू होता था जहाँ बीमा कंपनी देनदारी (liability) मान चुकी हो और असहमति मिलने वाली रकम पर हो, जिसे quantum कहते हैं। क्लेम मिलना ही चाहिए या नहीं, इस पर विवाद इसके बाहर था।

IRDAI के 27 अक्टूबर 2023 के सर्कुलर ने इसे बदल दिया। इसने retail जनरल इंश्योरेंस पॉलिसी से arbitration clause हटा दिया। इसलिए retail पॉलिसीधारक पर अब arbitration में जाने की बंदिश नहीं है। Commercial lines में पक्ष एक अलग समझौते के तहत arbitration पर सहमत हो सकते हैं। जो पुरानी सामग्री arbitration को हर पॉलिसी की standard शर्त बताती है, वह पुरानी पड़ चुकी है।

Arbitration कैसे चलता है

जहाँ arbitration पर सहमति हुई हो, वहाँ यह दूसरे पक्ष को दिए गए लिखित नोटिस से शुरू होता है, जिसमें arbitration agreement का सहारा लेकर विवाद को arbitration में भेजने की माँग की जाती है। यह Act की section 21 है। इसके बाद arbitrator की नियुक्ति के लिए agreement की अपनी प्रक्रिया अपनाई जाती है।

पक्ष एक ही (sole) arbitrator पर सहमत हो सकते हैं। तीन सदस्यों वाले tribunal में हर पक्ष एक arbitrator नियुक्त करता है और वे दोनों तीसरे को नियुक्त करते हैं, जो अध्यक्षता करता है; यह section 11(3) के तहत होता है। खर्च किस पर कितना पड़ेगा, यह section 31A के तहत tribunal तय करता है।

Award मानना ही होता है। इसे सिर्फ़ उन सीमित आधारों पर रद्द किया जा सकता है जो section 34 में दिए हैं, जैसे कि वह भारत की public policy के खिलाफ़ है। इसकी अर्ज़ी award मिलने के तीन महीने के भीतर देनी होती है। ऐसी अर्ज़ी सुनने वाली अदालत विवाद की दोबारा सुनवाई नहीं कर रही होती।

Arbitration और दूसरे रास्ते

Arbitration में arbitrators की फ़ीस लगती है। विवाद वाले क्लेम में किसी individual पॉलिसीधारक के लिए Insurance Ombudsman कोई फ़ीस नहीं लेता और उसके लिए वकील की ज़रूरत नहीं है। यह individuals, sole proprietors और micro enterprises के लिए खुला है, और ₹50 लाख तक का award दे सकता है। किसी बड़ी कंपनी की commercial पॉलिसी Ombudsman के दायरे से बाहर है।

एक समय पर ये रास्ते साथ-साथ भी नहीं चलते: कोई मामला Ombudsman के सामने तब नहीं हो सकता जब वह किसी arbitrator, अदालत या consumer commission के सामने चल रहा हो।

नियम एक नज़र में

Arbitration clause, retail पॉलिसीहटा दिया गयाIRDAI का 27 अक्टूबर 2023 का सर्कुलर
Arbitration, commercial पॉलिसीपक्षों के बीच हुए अलग समझौते सेIRDAI का 27 अक्टूबर 2023 का सर्कुलर
शुरुआतदूसरे पक्ष को लिखित नोटिस, जिसमें arbitration agreement का सहारा लिया जाएArbitration and Conciliation Act, 1996 — section 21
तीन सदस्यों वाला tribunalहर पक्ष एक नियुक्त करता है; वे दोनों presiding arbitrator नियुक्त करते हैंArbitration and Conciliation Act, 1996 — section 11(3)
खर्चTribunal तय करता है कि किस पर कितना पड़ेगाArbitration and Conciliation Act, 1996 — section 31A
Award रद्द करवानासिर्फ़ सीमित आधारों पर; अर्ज़ी award मिलने के तीन महीने के भीतरArbitration and Conciliation Act, 1996 — section 34
उदाहरण

Commercial पॉलिसी में quantum का विवाद

उदाहरण: वापी की एक पेपर मिल के पास commercial fire पॉलिसी है, और मिल और बीमा कंपनी के बीच arbitration का एक अलग समझौता है। आग लगने के बाद बीमा कंपनी देनदारी (liability) मान लेती है, लेकिन नुकसान मिल के आँकड़े से काफ़ी कम आँकती है। मिल agreement का सहारा लेते हुए लिखित नोटिस भेजती है। हर पक्ष एक arbitrator नियुक्त करता है, और वे दोनों अध्यक्षता के लिए तीसरे को नियुक्त करते हैं। Tribunal surveyors और valuers को सुनता है और award देता है, जिसमें खर्च पर निर्देश भी शामिल है। अगर कोई भी पक्ष इसे चुनौती देना चाहे, तो section 34 के तहत अर्ज़ी award मिलने के तीन महीने के भीतर देनी होती है, और सिर्फ़ उन सीमित आधारों पर जो उस section में दिए हैं।

मुख्य बातें

  • बीमा का arbitration Arbitration and Conciliation Act, 1996 के तहत चलाया जाता है, और award मानना ही होता है।
  • पारंपरिक policy clause सिर्फ़ वहीं लागू होता था जहाँ देनदारी (liability) मानी जा चुकी हो और विवाद रकम पर हो।
  • IRDAI के 27 अक्टूबर 2023 के सर्कुलर के बाद से retail जनरल इंश्योरेंस पॉलिसी में arbitration clause नहीं होता।
  • Commercial पॉलिसी में arbitration पक्षों के बीच हुए एक अलग समझौते पर टिका है।
  • Arbitration, agreement का सहारा लेने वाले लिखित नोटिस से शुरू होता है (section 21)।
  • Award सिर्फ़ section 34 के सीमित आधारों पर रद्द किया जा सकता है, तीन महीने के भीतर दी गई अर्ज़ी पर।

आम ग़लतफ़हमियाँ

  • Arbitration अब retail पॉलिसी की standard शर्त नहीं है। यह clause IRDAI के 27 अक्टूबर 2023 के सर्कुलर से हटा दिया गया।
  • पारंपरिक clause में हर विवाद नहीं आता था। यह रकम पर लागू होता था, जहाँ देनदारी (liability) मानी जा चुकी हो।
  • Section 34 की अर्ज़ी मामले के गुण-दोष पर अपील नहीं है। Award सिर्फ़ सीमित आधारों पर रद्द किया जा सकता है।
  • Arbitration मुफ़्त नहीं है। इसमें arbitrators की फ़ीस लगती है, जबकि Insurance Ombudsman कोई फ़ीस नहीं लेता।

लोग अक्सर पूछते हैं

क्या commercial पॉलिसीधारक अब भी arbitration में जा सकता है?

हाँ, जहाँ पक्ष एक अलग समझौते के तहत arbitration पर सहमत हों। तब arbitration, Arbitration and Conciliation Act, 1996 के तहत चलाया जाता है।

तीन सदस्यों के panel में presiding arbitrator को कौन नियुक्त करता है?

पक्षों के नियुक्त किए हुए दोनों arbitrators तीसरे को नियुक्त करते हैं, जो अध्यक्षता करता है; यह section 11(3) के तहत होता है।

खर्च कौन उठाता है?

खर्च किस पर कितना पड़ेगा, यह section 31A के तहत tribunal तय करता है।

यह लेसन किन स्रोतों पर आधारित है

  • Arbitration and Conciliation Act, 1996 — sections 11(3), 21, 31A और 34
  • IRDAI का 27 अक्टूबर 2023 का सर्कुलर, जनरल इंश्योरेंस पॉलिसी के arbitration clause पर
  • Insurance Ombudsman Rules, 2017 (as amended 2023)

इस लेसन के अंग्रेज़ी मूल को इन स्रोतों से मिलाकर स्वतंत्र रूप से जाँचा गया है (8 अक्टूबर 2026)। यह उसी का हिन्दी अनुवाद है, जिसे अंग्रेज़ी से मिलाकर अलग से जाँचा गया है। नियम बदलते रहते हैं: किसी भी आँकड़े पर भरोसा करने से पहले मौजूदा regulation, scheme document या policy wording देख लें। यह सिर्फ़ शिक्षा है, सलाह नहीं।

Trustner Group की ओर से मुफ़्त पढ़ाई। Trustner Academy, Trustner Group की एक शिक्षा पहल है। ग्रुप की कंपनियाँ insurance broking और निवेश सेवाओं में काम करती हैं, और इसके दफ़्तर बेंगलुरु, गुवाहाटी, कोलकाता, हैदराबाद और मुंबई में हैं। यहाँ की हर चीज़ सिर्फ़ सीखने के लिए है — यह कोई सलाह, सिफ़ारिश या किसी प्रोडक्ट का ऑफ़र नहीं है। दी गई स्थितियाँ सिर्फ़ उदाहरण के लिए हैं। नियम और आँकड़े बदलते रहते हैं; किसी भी बात पर अमल करने से पहले मौजूदा regulation, scheme document या policy wording ज़रूर देख लें।