Permanent Total Disability (PTD) — परिभाषा, आकलन और भुगतान
Personal accident पॉलिसी में permanent total disability का क्या मतलब है, रकम पॉलिसी के schedule से कैसे तय होती है, वे दो बातें जो policy wording पर निर्भर हैं, और किस category में रखा गया, इस पर विवाद हो तो उसे कहाँ ले जाया जा सकता है।
Permanent total disability का मतलब
Permanent total disability (PTD) दुर्घटना से हुई ऐसी विकलांगता है जो स्थायी भी है और पूर्ण भी। हर पॉलिसी इसकी परिभाषा अपनी wording में देती है। कई पॉलिसी खास नुकसान गिनाती हैं: दोनों आँखें, दोनों हाथ, दोनों पैर, या एक हाथ और एक पैर। कुछ इसमें एक और बड़ी शर्त जोड़ती हैं, जैसे कोई भी काम न कर पाना।
परिभाषा यहीं फ़र्क करती है। जो नुकसान सूची में है, वह पूर्ण विकलांगता है। जो नुकसान स्थायी है लेकिन सूची में नहीं, जैसे एक आँख या एक हाथ का नुकसान, या एक कान से सुनाई देना बंद हो जाना, उसे permanent partial disability माना जाता है, और उस पर वही प्रतिशत मिलता है जो schedule में उसके लिए लिखा है।
रकम
रकम sum insured का वह प्रतिशत है जो पॉलिसी के benefit schedule में लिखा है, और यह एकमुश्त मिलती है। सिर्फ़ उदाहरण के लिए, किसी schedule में sum insured का 100% हो सकता है।
यह प्रतिशत प्रोडक्ट का फ़ीचर है। IRDAI सभी पॉलिसी के लिए कोई एक आँकड़ा तय नहीं करता। और यह प्रतिशत बीमित व्यक्ति की कमाई से या employer के किसी सर्टिफ़िकेट से जुड़ा नहीं है। इसे schedule से पढ़ा जाता है और sum insured पर लगाया जाता है।
दो बातें जो wording पर निर्भर हैं
पहली यह कि अंग खोने का मतलब सिर्फ़ अंग का शरीर से अलग होना है, या उसका काम न करना भी। कुछ पॉलिसी कहती हैं कि किसी अंग का पूरी तरह और हमेशा के लिए काम न करना (total and irrecoverable loss of use) उस अंग को खोना माना जाएगा। ऐसी wording में रीढ़ की चोट के बाद दोनों पैरों का हमेशा का लकवा परिभाषा पर खरा उतरता है, हालाँकि पैर काटे नहीं गए। दूसरी पॉलिसी अंग का शरीर से अलग होना ज़रूरी मानती हैं, और वही चोट उनकी परिभाषा पर खरी नहीं उतरती।
दूसरी बात समय की है। पॉलिसी में लिखा होता है कि विकलांगता कितने समय तक रहे, तब उसे स्थायी माना जाएगा। प्रतिशत की तरह यह अवधि भी उसी पॉलिसी की wording से ली जाती है जो हाथ में है।
आकलन और विवाद
विकलांगता का आकलन मेडिकल सबूतों पर होता है। जहाँ बीमा कंपनी किसी विकलांगता को partial मानती है और बीमित व्यक्ति को लगता है कि वह total है, वहाँ शिकायत पहले बीमा कंपनी के पास जाती है, जिसे 14 दिन के भीतर उसे सुलझाना होता है।
अगर इससे बात नहीं बनती, तो बीमित व्यक्ति Insurance Ombudsman के पास जा सकता है, जो ₹50 लाख तक का award दे सकता है, या consumer commission के पास। कौन सा consumer commission मामला सुनेगा, यह भरे गए प्रीमियम पर निर्भर है, क्लेम की रकम पर नहीं: ₹50 लाख तक District Commission, उससे ऊपर और ₹2 करोड़ तक State Commission, ₹2 करोड़ से ऊपर National Commission। IRDAI किसी एक व्यक्ति के क्लेम का फ़ैसला नहीं करता।
नियम एक नज़र में
Total या partial
उदाहरण: फ़ैक्ट्री में हुई एक दुर्घटना के बाद जोसेफ़ की बीमा कंपनी उनकी चोट को permanent partial disability मानती है और वह प्रतिशत देने की बात कहती है जो schedule में उसके लिए लिखा है। जोसेफ़ के डॉक्टर सर्टिफ़िकेट देते हैं कि उनके दोनों हाथ हमेशा के लिए काम करना बंद कर चुके हैं। और उनकी पॉलिसी अंग के पूरी तरह और हमेशा के लिए काम न करने को अंग खोना मानती है। वे बीमा कंपनी को लिखित शिकायत करते हैं। अगर बीमा कंपनी अपनी राय नहीं बदलती, तो वे मेडिकल सबूतों और पॉलिसी की परिभाषा के आधार पर यह विवाद Insurance Ombudsman या consumer commission के पास ले जा सकते हैं।
परिभाषा और schedule को लागू करना
- इस उदाहरण में माना गया है: sum insured ₹25,00,000। पॉलिसी permanent total disability की परिभाषा दोनों आँखें, दोनों हाथ, दोनों पैर, या एक हाथ और एक पैर खोना बताती है, और किसी अंग के पूरी तरह और हमेशा के लिए काम न करने को उस अंग को खोना मानती है। उसका schedule permanent total disability पर 100% और एक हाथ खोने पर 50% देता है। ये शर्तें सिर्फ़ उदाहरण के लिए हैं; हर पॉलिसी अपनी शर्तें खुद तय करती है।
- चोट 1, दोनों पैर खोना: यह सूची में है। रकम = ₹25,00,000 का 100% = ₹25,00,000।
- चोट 2, रीढ़ की चोट जिससे दोनों पैर हमेशा के लिए काम करना बंद कर देते हैं, पर काटे नहीं जाते: यह wording काम न करने को खोना मानती है, इसलिए परिभाषा पूरी होती है। रकम = ₹25,00,000 का 100% = ₹25,00,000। जो पॉलिसी अंग का शरीर से अलग होना ज़रूरी मानती है, उसमें परिभाषा पूरी नहीं होती।
- चोट 3, एक हाथ खोना: यह पूर्ण विकलांगता की सूची में नहीं है, इसलिए यह permanent partial disability है। रकम = ₹25,00,000 का 50% = ₹12,50,000।
नतीजा। इस wording में चोट 1 और 2 पर ₹25,00,000 हर एक मिलते हैं; चोट 3 पर partial disability के रूप में ₹12,50,000 मिलते हैं।
मुख्य बातें
- Permanent total disability दुर्घटना से हुई ऐसी विकलांगता है जो स्थायी और पूर्ण है, जैसी परिभाषा पॉलिसी की अपनी wording देती है।
- रकम sum insured का वह प्रतिशत है जो पॉलिसी के benefit schedule में लिखा है, और यह एकमुश्त मिलती है।
- किसी अंग का काम न करना उसे खोना माना जाएगा या नहीं, यह policy wording पर निर्भर है।
- Category पर विवाद हो, तो मामला पहले बीमा कंपनी के पास जाता है, फिर Insurance Ombudsman या consumer commission के पास।
आम ग़लतफ़हमियाँ
- Permanent total disability की परिभाषा हर पॉलिसी में एक जैसी नहीं है। नुकसान की सूची और कोई भी और बड़ी शर्त पॉलिसी की अपनी wording से आती है।
- लकवे को हमेशा अंग खोना नहीं माना जाता। यह तभी गिना जाता है जब wording काम न करने को खोना माने, और कुछ पॉलिसी अंग का शरीर से अलग होना ज़रूरी मानती हैं।
- विवाद वाले क्लेम का फ़ैसला IRDAI नहीं करता। रास्ते हैं बीमा कंपनी की शिकायत की प्रक्रिया, Insurance Ombudsman और consumer commission।
लोग अक्सर पूछते हैं
क्या permanent total disability पर हमेशा sum insured का 100% मिलता है?
यह कानून का कोई नियम नहीं है। प्रतिशत वही है जो पॉलिसी के benefit schedule में लिखा है; 100% यहाँ सिर्फ़ उदाहरण के लिए लिया गया है।
क्या एक आँख खोना permanent total disability है?
उस परिभाषा में नहीं जिसमें दोनों आँखें गिनाई गई हैं। एक आँख खोना permanent partial disability माना जाता है, और उस पर schedule का प्रतिशत मिलता है।
यह लेसन किन स्रोतों पर आधारित है
- संबंधित प्रोडक्ट की policy wording और benefit schedule (permanent total disability की परिभाषा)
- IRDAI Master Circular on Protection of Policyholders' Interests (5 सितंबर 2024)
- Insurance Ombudsman Rules, 2017 (10 नवंबर 2023 से संशोधित)
- Consumer Protection Act, 2019 और Consumer Protection (Jurisdiction of the District Commission, the State Commission and the National Commission) Rules, 2021
इस लेसन के अंग्रेज़ी मूल को इन स्रोतों से मिलाकर स्वतंत्र रूप से जाँचा गया है (8 अक्टूबर 2026)। यह उसी का हिन्दी अनुवाद है, जिसे अंग्रेज़ी से मिलाकर अलग से जाँचा गया है। नियम बदलते रहते हैं: किसी भी आँकड़े पर भरोसा करने से पहले मौजूदा regulation, scheme document या policy wording देख लें। यह सिर्फ़ शिक्षा है, सलाह नहीं।

