Arogya Sanjeevani — IRDAI का स्टैंडर्ड प्रोडक्ट
Arogya Sanjeevani एक स्टैंडर्ड indemnity हेल्थ प्रोडक्ट है, जिसे बीमा कंपनियाँ 1 अप्रैल 2020 से दे रही हैं। इस lesson में समझेंगे कि 'स्टैंडर्ड' का मतलब क्या है, इसका sum insured कहाँ से कहाँ तक है, room rent और ICU की लिमिट क्या हैं और 5% co-pay कैसे लगता है। हिसाब भी साथ में दिखाया गया है।
यह क्या है
हेल्थ पॉलिसी की wording, लिमिट और add-on एक-दूसरे से बहुत अलग होते हैं। इसलिए उनकी तुलना करना मुश्किल होता है। Arogya Sanjeevani एक स्टैंडर्ड प्रोडक्ट के रूप में लाया गया: अस्पताल में भर्ती का सीधा-सादा, बुनियादी कवर, जिसकी मुख्य शर्तें सब जगह एक जैसी हैं। बीमा कंपनियाँ इसे 1 अप्रैल 2020 से दे रही हैं।
यह एक indemnity पॉलिसी है। यानी यह अस्पताल में भर्ती के admissible (यानी पॉलिसी के हिसाब से बनने वाले) खर्च चुकाती है, sum insured तक और पॉलिसी की लिमिट के भीतर। यह कोई तय एकमुश्त रकम नहीं देती। इसे बीमा कंपनी से प्रीमियम देकर खरीदा जाता है। यही बात इसे PM-JAY जैसी सरकारी पैसे से चलने वाली स्कीम से अलग करती है, जहाँ beneficiary कुछ नहीं देता।
आज की मुख्य शर्तें
अक्टूबर 2026 में जो वर्ज़न बिक रहे हैं, उनमें sum insured ₹50,000 से ₹10 लाख तक है। जब प्रोडक्ट शुरू हुआ था, तब यह दायरा ₹1 लाख से ₹5 लाख था, और पुरानी जानकारी में अब भी वही लिखा मिलता है।
Room rent sum insured के 2% तक कवर है, और ऊपरी सीमा ₹5,000 रोज़ की है। ICU के खर्च की अपनी लिमिट है: sum insured का 5%, और ऊपरी सीमा ₹10,000 रोज़ की। लिमिट से ऊपर का कमरे का खर्च पॉलिसी नहीं चुकाती।
हर admissible क्लेम पर 5% co-pay लगता है: बीमा कंपनी 95% चुकाती है और पॉलिसीधारक 5% उठाता है। Pre-existing disease के waiting period को 36 महीने की उस ऊपरी सीमा के भीतर रहना होता है, जो 1 अप्रैल 2024 से सभी हेल्थ पॉलिसी पर लागू है।
कौन सा दस्तावेज़ लागू होता है
जिन IRDAI सर्कुलर से यह प्रोडक्ट शुरू हुआ था, उनकी जगह अब 29 मई 2024 के Master Circular on Health Insurance Business ने ले ली है। इसलिए ऊपर के आँकड़ों को स्टैंडर्ड प्रोडक्ट की वे शर्तें समझना ठीक है, जिन पर बीमा कंपनियाँ इसे अभी दे रही हैं। कोई लिमिट या co-pay कैसे लगेगा, इसके लिए हर बीमा कंपनी की मौजूदा policy wording ही देखी जाती है।
2024 के नियमों की आम सुरक्षाएँ इस पर भी वैसे ही लागू हैं जैसे बाकी individual हेल्थ पॉलिसी पर: एक साल या उससे ज़्यादा की पॉलिसी पर 30 दिन का free-look period, और पिछले क्लेम की वजह से रिन्यूअल से मना नहीं किया जा सकता। Individual हेल्थ इंश्योरेंस के प्रीमियम पर 22 सितंबर 2025 से GST नहीं लगता।
नियम एक नज़र में
उदाहरण: रोज़ की ऊपरी सीमा क्यों मायने रखती है
मान लीजिए कविता के पास यह प्रोडक्ट ₹2 लाख के sum insured के साथ है, और उनके कज़िन अरुण के पास ₹5 लाख के साथ (दोनों रकमें सिर्फ़ उदाहरण के लिए मानी हुई हैं)। कविता के लिए ₹2,00,000 का 2% ₹4,000 होता है। यह ₹5,000 की ऊपरी सीमा से कम है, इसलिए उनकी room rent की लिमिट ₹4,000 रोज़ है।
अरुण के लिए ₹5,00,000 का 2% ₹10,000 होता है। यह ऊपरी सीमा से ज़्यादा है, इसलिए उनकी लिमिट ₹5,000 रोज़ है। कम sum insured पर लिमिट प्रतिशत से तय होती है; ज़्यादा sum insured पर रुपये की ऊपरी सीमा से।
5% co-pay लगाना (रकमें मानी हुई हैं)
- मान लीजिए sum insured ₹3,00,000 है और पॉलिसी की लिमिट लगाने के बाद admissible क्लेम ₹80,000 बनता है; यह भी मान लीजिए कि co-pay इसी रकम पर लगता है (लिमिट और co-pay साथ में कैसे चलते हैं, यह बीमा कंपनी की wording दिखाती है)।
- पॉलिसीधारक का co-pay: 5% × ₹80,000 = ₹4,000।
- बीमा कंपनी का हिस्सा: ₹80,000 − ₹4,000 = ₹76,000, जो ₹80,000 का 95% है।
- जाँच: ₹76,000, ₹3,00,000 के sum insured के भीतर है, इसलिए यह पूरा चुकाया जाएगा।
नतीजा। बीमा कंपनी ₹76,000 चुकाती है और पॉलिसीधारक ₹4,000 उठाता है।
मुख्य बातें
- Arogya Sanjeevani एक स्टैंडर्ड indemnity हेल्थ इंश्योरेंस प्रोडक्ट है, जो 1 अप्रैल 2020 से दिया जा रहा है।
- Sum insured अब ₹50,000 से ₹10 लाख तक है; शुरू में दायरा ₹1 लाख से ₹5 लाख था।
- Room rent sum insured के 2% तक कवर है (ज़्यादा से ज़्यादा ₹5,000 रोज़) और ICU का खर्च 5% तक (ज़्यादा से ज़्यादा ₹10,000 रोज़)।
- हर admissible क्लेम पर 5% co-pay लगता है।
- जिन सर्कुलर से यह शुरू हुआ था, उनकी जगह नया सर्कुलर आ चुका है, इसलिए बीमा कंपनी की मौजूदा policy wording ही लागू होती है।
आम ग़लतफ़हमियाँ
- Sum insured अब ₹5 लाख तक सीमित नहीं है। वह शुरुआती ऊपरी सीमा थी; अब दायरा ₹10 लाख तक जाता है।
- Room rent सीधे sum insured का 2% नहीं है। ₹5,000 रोज़ की ऊपरी सीमा भी लागू है, और दोनों में जो कम हो, वही लिमिट है।
- 5% co-pay सिर्फ़ बड़ी उम्र के पॉलिसीधारकों या कुछ खास बीमारियों तक सीमित नहीं है। यह हर admissible क्लेम पर लगता है।
- स्टैंडर्ड का मतलब सरकारी पैसे से चलने वाला नहीं है। यह एक commercial पॉलिसी है, जो बीमा कंपनी से प्रीमियम देकर खरीदी जाती है।
लोग अक्सर पूछते हैं
क्या यह और PM-JAY एक ही चीज़ हैं?
नहीं। Arogya Sanjeevani बीमा कंपनी से प्रीमियम देकर खरीदी जाती है; PM-JAY सरकारी पैसे से चलने वाली स्कीम है, जिसमें beneficiary कोई प्रीमियम नहीं देता।
क्या ICU की लिमिट room rent की लिमिट की तरह ही काम करती है?
ढाँचा वही है, आँकड़े अलग हैं: sum insured का 5%, ज़्यादा से ज़्यादा ₹10,000 रोज़।
अब सही-सही शर्तें कहाँ मिलती हैं?
बीमा कंपनी की मौजूदा policy wording और Customer Information Sheet में, क्योंकि शुरुआती सर्कुलर की जगह 2024 के Master Circular ने ले ली है।
यह लेसन किन स्रोतों पर आधारित है
- IRDAI Master Circular on Health Insurance Business (29 मई 2024)
- Arogya Sanjeevani स्टैंडर्ड प्रोडक्ट की शर्तें, जैसी बीमा कंपनियों की मौजूदा policy wording में छपी हैं
- GST Council का फ़ैसला, 22 सितंबर 2025 से लागू (individual हेल्थ इंश्योरेंस के प्रीमियम)
इस लेसन के अंग्रेज़ी मूल को इन स्रोतों से मिलाकर स्वतंत्र रूप से जाँचा गया है (8 अक्टूबर 2026)। यह उसी का हिन्दी अनुवाद है, जिसे अंग्रेज़ी से मिलाकर अलग से जाँचा गया है। नियम बदलते रहते हैं: किसी भी आँकड़े पर भरोसा करने से पहले मौजूदा regulation, scheme document या policy wording देख लें। यह सिर्फ़ शिक्षा है, सलाह नहीं।

