डिस्ट्रीब्यूटर को भुगतान कैसे मिलता है
डिस्ट्रीब्यूटर को कमीशन fund house देता है, स्कीम के खर्च में से, निवेश में बने रहने वाले assets पर trail के रूप में। इस लेसन में trail model, उसके दो सीमित exceptions, और दो पुराने charges के बारे में बताया गया है जो अब नहीं रहे।
पैसा कौन देता है, और कहाँ से
डिस्ट्रीब्यूटर को कमीशन fund house देता है, निवेशक को भेजे गए किसी बिल के ज़रिए नहीं। पैसा स्कीम के खर्च में से निकलता है: distribution charges regular plan के base expense ratio का एक हिस्सा हैं। इसीलिए स्कीम के regular plan का expense ratio उसके direct plan से ज़्यादा होता है, क्योंकि direct plan में कोई distribution कमीशन नहीं होता।
चूँकि कमीशन स्कीम के भीतर ही लिया जाता है, निवेशक इसे regular plan के NAV के ज़रिए उठाता है। चुकाई गई रकम छिपी नहीं रहती: छमाही consolidated account statement में डिस्ट्रीब्यूटर को चुकाया गया कमीशन रुपयों में दिखता है।
Trail commission
कमीशन trail के रूप में दिया जाता है। यह लगातार चलने वाला भुगतान है, जो निवेशक के assets पर तब तक निकाला जाता है जब तक वे निवेश में बने रहें। अगर यूनिट redeem हो जाएँ, तो उन पर trail रुक जाता है।
निवेश के समय एक बार का भुगतान upfront commission है। SEBI के नियमों के तहत model full trail का है: upfront commission की इजाज़त नहीं है, और upfronting की भी नहीं, यानी आगे का trail पहले से चुका देने की।
दो सीमित exceptions
पहला, उन निवेशकों की SIP जो mutual fund industry में नए हैं और जिनकी पहचान PAN से होती है। हर स्कीम में ₹3,000 महीने तक की ऐसी SIP पर साल का 1% तक पहले से (advance में) दिया जा सकता है, ज़्यादा से ज़्यादा तीन साल के लिए। SIP रुक जाए तो यह advance डिस्ट्रीब्यूटर से वापस ले लिया जाता है।
दूसरा, 1 मार्च 2026 से छोटे (B-30) शहरों के नए individual निवेशकों के लिए, और किसी भी शहर की नई महिला निवेशकों के लिए, एक अतिरिक्त कमीशन दिया जा सकता है। यह पहले lump sum का 1% है, जहाँ निवेश एक साल तक बना रहे, या first-year SIP का 1%, और इसकी ऊपरी सीमा ₹2,000 है। यह उस रकम में से दिया जाता है जो fund houses investor education के लिए अलग रखते हैं, और यह स्कीम पर अतिरिक्त खर्च के रूप में नहीं डाला जाता।
दो charges जो अब नहीं रहे
पुरानी material में ₹100 या ₹150 के एक transaction charge का ज़िक्र मिलता है, जो डिस्ट्रीब्यूटर निवेश में से काट सकता था। SEBI के 8 अगस्त 2025 के सर्कुलर ने इसे खत्म कर दिया, इसलिए इस नाम पर कुछ नहीं काटा जाता। खरीद पर 0.005% stamp duty फिर भी लगती है; वह सरकारी शुल्क है, डिस्ट्रीब्यूटर को भुगतान नहीं।
पहले स्कीम B30 शहरों से आने वाले पैसे के लिए अतिरिक्त खर्च भी ले सकती थीं। वह allowance 31 अक्टूबर 2025 को खत्म हो गया, और 1 अप्रैल 2026 से लागू खर्च के नियमों में ऐसा कोई add-on नहीं है।
नियम एक नज़र में
₹50,000 में से क्या कटता है और क्या नहीं (उदाहरण)
अक्टूबर 2026 में एक निवेशक एक डिस्ट्रीब्यूटर के ज़रिए एक स्कीम के regular plan में ₹50,000 लगाता है। कोई transaction charge नहीं काटा जाता। Stamp duty ₹50,000 का 0.005% = ₹2.50 है, इसलिए ₹49,997.50 से यूनिट खरीदी जाती हैं। डिस्ट्रीब्यूटर का कमीशन इन ₹50,000 में से नहीं लिया जाता: fund house उसे trail के रूप में देता है, स्कीम के भीतर लिए गए खर्च में से, जब तक यूनिट निवेश में बनी रहें।
अतिरिक्त कमीशन पर ₹2,000 की ऊपरी सीमा (उदाहरण)
- नए B-30 निवेशक या नई महिला निवेशक के लिए अतिरिक्त कमीशन पहले lump sum का या first-year SIP का 1% है, और इसकी ऊपरी सीमा ₹2,000 है।
- पहला lump sum ₹1,00,000: 1% = ₹1,000। यह सीमा से कम है, इसलिए ₹1,000।
- पहला lump sum ₹5,00,000: 1% = ₹5,000। यह सीमा से ज़्यादा है, इसलिए ₹2,000।
- ₹10,000 महीने की SIP: first-year SIP = 10,000 × 12 = ₹1,20,000; 1% = ₹1,200। सीमा से कम है, इसलिए ₹1,200।
- ₹20,000 महीने की SIP: first-year SIP = 20,000 × 12 = ₹2,40,000; 1% = ₹2,400। सीमा से ज़्यादा है, इसलिए ₹2,000।
नतीजा। चारों मामलों में अतिरिक्त कमीशन ₹1,000, ₹2,000, ₹1,200 और ₹2,000 है। हर मामले में यह investor education के लिए अलग रखी रकम में से आता है, निवेशक के पैसे में से नहीं और स्कीम के अतिरिक्त खर्च के रूप में भी नहीं।
मुख्य बातें
- कमीशन fund house देता है, regular plan के खर्च में से; निवेशक को अलग से बिल नहीं भेजा जाता और वह इसे NAV के ज़रिए उठाता है।
- यह निवेश में बने रहने वाले assets पर trail commission के रूप में दिया जाता है; upfront commission और trail की upfronting की इजाज़त नहीं है।
- Exceptions: पहली बार निवेश करने वालों की छोटी SIP, और 1 मार्च 2026 से नए B-30 और नई महिला निवेशकों के लिए एक सीमा वाला अतिरिक्त कमीशन।
- ₹100 या ₹150 का transaction charge SEBI के 8 अगस्त 2025 के सर्कुलर से खत्म कर दिया गया।
- B30 शहरों से आने वाले पैसे के लिए अतिरिक्त expense allowance 31 अक्टूबर 2025 को खत्म हो गया।
आम ग़लतफ़हमियाँ
- निवेशक डिस्ट्रीब्यूटर को अलग से कोई फ़ीस नहीं देता। कमीशन fund house देता है, regular plan के खर्च में से।
- निवेश में से अब transaction charge नहीं काटा जाता। इसे 8 अगस्त 2025 को खत्म कर दिया गया।
- नए B-30 और नई महिला निवेशकों के लिए अतिरिक्त कमीशन पुराना B30 expense allowance नहीं है। इसकी ऊपरी सीमा ₹2,000 है और यह स्कीम पर अतिरिक्त खर्च नहीं है।
लोग अक्सर पूछते हैं
Trail commission क्या है?
Fund house की ओर से डिस्ट्रीब्यूटर को लगातार चलने वाला भुगतान, जो निवेशक के assets पर तब तक निकाला जाता है जब तक वे निवेश में बने रहें।
क्या upfront commission की इजाज़त है?
नहीं, दो सीमित exceptions को छोड़कर: पहली बार निवेश करने वालों की छोटी SIP, और नए B-30 और नई महिला निवेशकों के लिए सीमा वाला अतिरिक्त कमीशन।
क्या exit load डिस्ट्रीब्यूटर को जाता है?
नहीं। Exit loads स्कीम में वापस जमा होते हैं।
यह लेसन किन स्रोतों पर आधारित है
- SEBI Master Circular for Mutual Funds, 20 मार्च 2026 (डिस्ट्रीब्यूटर के कमीशन पर paragraphs 11.5 और 11.6; consolidated account statement)
- SEBI का 8 अगस्त 2025 का सर्कुलर (डिस्ट्रीब्यूटर का transaction charge खत्म करना)
- SEBI (Mutual Funds) Regulations, 2026, regulations 66 और 67 (खर्च)
- Indian Stamp Act, 1899, जैसा Finance Act, 2019 से बदला गया (1 जुलाई 2020 से mutual fund यूनिट पर stamp duty)
इस लेसन के अंग्रेज़ी मूल को इन स्रोतों से मिलाकर स्वतंत्र रूप से जाँचा गया है (8 अक्टूबर 2026)। यह उसी का हिन्दी अनुवाद है, जिसे अंग्रेज़ी से मिलाकर अलग से जाँचा गया है। नियम बदलते रहते हैं: किसी भी आँकड़े पर भरोसा करने से पहले मौजूदा regulation, scheme document या policy wording देख लें। यह सिर्फ़ शिक्षा है, सलाह नहीं।

