Mutual Fund Factsheet को समझना
Factsheet हर स्कीम का छोटा, समय-समय पर निकलने वाला सार है: उसके पास क्या है, उसका performance कैसा रहा और उसे कितना जोखिम वाला आँका गया है। यह लेसन equity और debt स्कीम के मुख्य आँकड़े, riskometer और Potential Risk Class समझाता है।
Factsheet क्या है
Factsheet एक छोटा document है, आम तौर पर मासिक, जिसमें fund house अपनी हर स्कीम का सार देता है। इसमें पोर्टफोलियो (सबसे बड़ी होल्डिंग और sector का बँटवारा), assets under management, NAV, benchmark के सामने पिछला performance, जोखिम के पैमाने और riskometer दिखते हैं।
यह एक तारीख की तस्वीर (snapshot) है। पोर्टफोलियो वैसा दिखाया जाता है जैसा वह एक तारीख को था, और जो performance दिखता है वह पिछला performance है। होल्डिंग बदलती रहती हैं, और पिछला performance आगे बना रह भी सकता है और नहीं भी।
Equity स्कीम को पढ़ना
दस सबसे बड़ी होल्डिंग का कुल weight दिखाता है कि पोर्टफोलियो कितना concentrated है: यह जितना ज़्यादा होगा, नतीजा उतना ही कुछ गिनी-चुनी होल्डिंग से तय होगा। कोई standard cut-off नहीं है जो पोर्टफोलियो को concentrated बताए; यह आँकड़ा मिलती-जुलती स्कीम के सामने रखकर पढ़ा जाता है।
Sector allocation को benchmark के sector weights के बगल में रखकर देखा जा सकता है कि स्कीम कहाँ अलग है। Equity factsheet में अक्सर price-to-earnings (P/E) और price-to-book (P/B) जैसे valuation ratios भी दिखते हैं, और standard deviation, beta और Sharpe ratio जैसे जोखिम के पैमाने भी। SEBI ने जो चीज़ें तय की हैं, उनसे आगे की चीज़ें हर fund house में अलग-अलग होती हैं।
Debt स्कीम को पढ़ना
Debt factsheet में average maturity, duration, yield to maturity और credit quality दिखते हैं। Modified duration बताता है कि NAV ब्याज दरों में बदलाव के प्रति कितना sensitive है: यह जितना ज़्यादा होगा, दरें बदलने पर NAV उतना ज़्यादा हिलेगा।
Debt स्कीम Potential Risk Class भी दिखाती हैं। Interest-rate risk को Class I (Macaulay duration 1 साल तक), Class II (3 साल तक) या Class III (कोई भी duration) में रखा जाता है। Credit risk को credit risk value के हिसाब से Class A, B या C में रखा जाता है, जिसमें A सबसे ऊँची credit quality है। इस तरह नौ खाने बनते हैं। स्कीम ज़्यादा जोखिम वाले खाने में तभी जा सकती है जब इस बदलाव को fundamental attribute में बदलाव माना जाए।
Riskometer
हर स्कीम के साथ एक riskometer होता है जिसके छह स्तर हैं: Low, Low to Moderate, Moderate, Moderately High, High और Very High। इसका आकलन हर महीने होता है और यह महीना खत्म होने के 10 दिन के भीतर बताया जाता है, और यह performance disclosures के साथ दिया जाता है।
Factsheet पर जो स्तर दिखता है, वह उसी महीने के लिए आँका गया स्तर है।
नियम एक नज़र में
Debt factsheet पर दो label (उदाहरण)
एक debt स्कीम की factsheet में Potential Risk Class के तौर पर interest-rate risk Class II और credit risk Class B दिखता है, और riskometer Moderate पर है।
Class II का मतलब है कि स्कीम अपना Macaulay duration 3 साल तक रखती है। Class B तीन credit classes में बीच वाली है। स्कीम ज़्यादा जोखिम वाले खाने में तभी जा सकती है जब इसे fundamental attribute में बदलाव माना जाए। Riskometer का स्तर वही है जो उस महीने के लिए आँका गया।
Factsheet से तीन बातें पढ़ना (उदाहरण)
- मान लीजिए (सिर्फ़ हिसाब समझाने के लिए)। एक equity स्कीम की दस सबसे बड़ी होल्डिंग के weight 9%, 8%, 7%, 6%, 5%, 5%, 4%, 4%, 3% और 3% हैं।
- Top-10 weight = 9 + 8 + 7 + 6 + 5 + 5 + 4 + 4 + 3 + 3 = 54%। बाकी सारी होल्डिंग मिलकर 100% − 54% = 46% बनती हैं।
- स्कीम में बैंकों का हिस्सा 28% है जबकि उसके benchmark में 22%: 28 − 22 = 6 percentage point overweight। Information technology में उसका हिस्सा 8% है जबकि benchmark में 13%: 13 − 8 = 5 percentage point underweight।
- एक debt स्कीम का modified duration 4 दिखता है। मोटे तौर पर पढ़ें, तो ब्याज दरों में 0.5 percentage point की बढ़त से NAV में करीब 4 × 0.5 = 2% की गिरावट का संकेत मिलता है, बशर्ते बाकी सब वैसा ही रहे।
नतीजा। Top-10 weight 54% है; स्कीम बैंकों में 6 percentage point overweight और information technology में 5 underweight है; और 4 के modified duration से दरों में 0.5 percentage point के बदलाव पर NAV में करीब 2% की चाल का संकेत मिलता है।
मुख्य बातें
- Factsheet, जो आम तौर पर मासिक होती है, स्कीम के पोर्टफोलियो, assets, NAV, पिछले performance, जोखिम के पैमानों और riskometer का सार देती है।
- Top-10 होल्डिंग का weight concentration दिखाता है और मिलती-जुलती स्कीम के सामने रखकर पढ़ा जाता है; कोई standard cut-off नहीं है।
- Riskometer के छह स्तर हैं, इसका आकलन हर महीने होता है और यह महीना खत्म होने के 10 दिन के भीतर बताया जाता है।
- Potential Risk Class debt स्कीम को interest-rate risk (Class I, II, III) और credit risk (Class A, B, C) पर आँकता है: कुल नौ खाने।
आम ग़लतफ़हमियाँ
- Factsheet live तस्वीर नहीं है। यह एक तारीख का पोर्टफोलियो दिखाती है, और होल्डिंग बदलती रहती हैं।
- Debt factsheet का yield to maturity कोई वादा किया हुआ रिटर्न नहीं है। यह उस तारीख के पोर्टफोलियो की बात बताता है।
- Factsheet में दिखाए गए पिछले SIP या lump-sum रिटर्न आगे के अनुमान नहीं हैं। ये सिर्फ़ बीते समय की बात बताते हैं।
लोग अक्सर पूछते हैं
Factsheet का कौन सा आँकड़ा बताता है कि debt स्कीम ब्याज दरों के प्रति कितनी sensitive है?
Modified duration। Potential Risk Class इससे जुड़ा एक आँकड़ा, Macaulay duration, इस्तेमाल करता है ताकि interest-rate risk को Class में बाँटा जा सके।
क्या कोई ऐसा top-10 weight है जिसके ऊपर स्कीम concentrated मानी जाती है?
नहीं। कोई standard cut-off नहीं है; यह आँकड़ा मिलती-जुलती स्कीम के सामने रखकर पढ़ा जाता है।
Riskometer की समीक्षा कितनी बार होती है?
हर महीने, और disclosure महीना खत्म होने के 10 दिन के भीतर।
यह लेसन किन स्रोतों पर आधारित है
- SEBI Master Circular for Mutual Funds, 20 मार्च 2026 — riskometer, Potential Risk Class और portfolio disclosure
इस लेसन के अंग्रेज़ी मूल को इन स्रोतों से मिलाकर स्वतंत्र रूप से जाँचा गया है (8 अक्टूबर 2026)। यह उसी का हिन्दी अनुवाद है, जिसे अंग्रेज़ी से मिलाकर अलग से जाँचा गया है। नियम बदलते रहते हैं: किसी भी आँकड़े पर भरोसा करने से पहले मौजूदा regulation, scheme document या policy wording देख लें। यह सिर्फ़ शिक्षा है, सलाह नहीं।

