LRS विस्तार से — लिमिट, अनुमत और प्रतिबंधित इस्तेमाल
Liberalised Remittance Scheme (LRS) RBI की वह व्यवस्था है जिसके ज़रिए निवासी व्यक्ति (resident individual) विदेश पैसा भेजता है, GIFT IFSC में भी। इस लेसन में समझेंगे कि इसे कौन इस्तेमाल कर सकता है, सालाना लिमिट कैसे गिनी जाती है, परिवार की लिमिट कब आपस में जोड़ी जा सकती है, क्या मना है, और 180 दिन का नियम क्या है।
यह क्या है
LRS RBI की व्यवस्था है, जो Foreign Exchange Management (Current Account Transactions) Rules, 2000 के Schedule III के तहत चलती है। इसमें निवासी व्यक्ति, नाबालिग समेत, एक वित्त वर्ष में USD 250,000 तक भेज सकता है (अक्टूबर 2026 की स्थिति)। PAN ज़रूरी है।
इस लिमिट में वे current-account और capital-account लेन-देन मिलाकर आते हैं जिनकी इजाज़त है। Current-account लेन-देन भुगतान होते हैं, जैसे विदेश में पढ़ाई की फ़ीस या इलाज। Capital-account लेन-देन से विदेश में कोई asset बनता है, जैसे विदेश में लिस्टेड शेयर या अचल संपत्ति (immovable property)।
लिमिट कैसे गिनी जाती है
लिमिट उस पैसे पर गिनी जाती है जो वित्त वर्ष में बाहर भेजा गया, विदेश में रखी net रकम पर नहीं। लिमिट एक बार इस्तेमाल हो जाए, तो उस साल आगे कोई remittance नहीं हो सकता, भले ही पहले वाले निवेश की बिक्री की रकम भारत वापस ले आई जाए।
हर निवासी व्यक्ति की अपनी अलग लिमिट है। परिवार के सदस्य अपने remittance एक साथ जोड़ सकते हैं। लेकिन निवेश जैसे capital-account लेन-देन में लिमिट जोड़ने (clubbing) की इजाज़त नहीं है, जब तक बाकी सदस्य खरीदी गई चीज़ के सह-मालिक (co-owners) न हों। सिर्फ़ रिश्तेदार होना काफ़ी नहीं है।
क्या मना है
LRS का इस्तेमाल इन कामों के लिए नहीं किया जा सकता: विदेशी exchanges को margin या margin calls, लॉटरी टिकट, बैन की गई चीज़ें, विदेश में foreign exchange की ट्रेडिंग, या उन देशों को remittance जिन्हें Financial Action Task Force (FATF) ने non-cooperative बताया है।
Real estate पर कोई आम रोक नहीं है: विदेश में अचल संपत्ति LRS के तहत खरीदी जा सकती है।
180 दिन का नियम
जो foreign exchange इस्तेमाल नहीं हुई, या विदेश में बिक्री से मिली है, उसे 180 दिन के अंदर भारत वापस लाना होता है या फिर से निवेश करना होता है। विदेश भेजा गया पैसा किसी ऐसे काम में लगने के लिए है जिसकी इजाज़त है, विदेश में बिना इस्तेमाल के पड़े रहने के लिए नहीं।
नियम एक नज़र में
जिसकी इजाज़त है और जो मना है, साथ-साथ
अनन्या, 33 साल, पुणे में रहने वाली निवासी हैं। वे दो remittance की सोच रही हैं। पहला, एक विदेशी stock exchange पर लिस्टेड शेयर खरीदने के लिए। दूसरा, एक विदेशी exchange पर derivatives की ट्रेडिंग के margin account में पैसा डालने के लिए।
पहला capital-account लेन-देन है जिसकी इजाज़त है, और यह उनकी लिमिट के अंदर है। दूसरा मना है: LRS का इस्तेमाल विदेशी exchanges को margin या margin calls के लिए नहीं किया जा सकता, रकम कितनी भी छोटी हो।
लिमिट की गिनती
- एक परिवार के तीन निवासी सदस्यों में से हर एक की उस वित्त वर्ष की लिमिट USD 250,000 है। अगर तीनों विदेश की किसी प्रॉपर्टी के सह-मालिक (co-owners) हैं, तो वे उसके लिए अपनी लिमिट जोड़ सकते हैं: 3 × 250,000 = USD 750,000।
- अगर प्रॉपर्टी का मालिक उनमें से सिर्फ़ एक होना है, तो लिमिट जोड़ने की इजाज़त नहीं है, और उसके लिए ज़्यादा से ज़्यादा उस एक व्यक्ति के USD 250,000 ही भेजे जा सकते हैं।
- अलग से, एक सदस्य जून में लिस्टेड शेयर खरीदने के लिए USD 250,000 भेजता है, दिसंबर में उन्हें बेचता है और USD 260,000 भारत वापस लाता है। उस वित्त वर्ष में इस्तेमाल हुई लिमिट: USD 250,000। बची हुई लिमिट: 250,000 − 250,000 = कुछ नहीं।
नतीजा। लिमिट जोड़ना सह-मालिक होने पर टिका है, और लिमिट बाहर भेजे गए पैसे पर गिनी जाती है। जो सदस्य USD 260,000 वापस लाया, वह अगले वित्त वर्ष तक LRS के तहत दोबारा पैसा नहीं भेज सकता। सभी रकमें उदाहरण के लिए मानी गई हैं।
मुख्य बातें
- LRS में हर निवासी व्यक्ति, नाबालिग समेत, एक वित्त वर्ष में USD 250,000 तक भेज सकता है, उन current-account और capital-account लेन-देन के लिए जिनकी इजाज़त है; PAN ज़रूरी है।
- बिक्री की रकम भारत वापस लाने से उस वित्त वर्ष में इस्तेमाल हो चुकी लिमिट वापस नहीं मिलती।
- Capital-account निवेश के लिए परिवार की लिमिट आपस में जोड़ी नहीं जा सकती, जब तक बाकी सदस्य सह-मालिक (co-owners) न हों।
- मना है: विदेशी exchanges को margin या margin calls, लॉटरी टिकट, बैन की गई चीज़ें, विदेश में foreign exchange की ट्रेडिंग, और FATF के non-cooperative देशों को remittance।
- इस्तेमाल न हुई या बिक्री से मिली foreign exchange को 180 दिन के अंदर भारत वापस लाना या फिर से निवेश करना होता है।
आम ग़लतफ़हमियाँ
- लिमिट कोई net आँकड़ा नहीं है। पैसा वापस लाने से उसी वित्त वर्ष में लिमिट में जगह नहीं बनती।
- LRS के तहत विदेश में अचल संपत्ति खरीदना मना नहीं है। विदेशी exchange को margin देना मना है।
- रिश्तेदार निवेश के लिए अपनी लिमिट यूँ ही नहीं मिला सकते। बाकी लोगों को उस निवेश का सह-मालिक होना चाहिए।
लोग अक्सर पूछते हैं
क्या नाबालिग की भी LRS लिमिट होती है?
हाँ। LRS हर निवासी व्यक्ति के लिए है, नाबालिग समेत।
क्या GIFT IFSC में भेजा गया पैसा LRS में गिना जाता है?
हाँ। Exchange control के लिए IFSC यूनिट को भारत से बाहर का निवासी व्यक्ति (person resident outside India) माना जाता है, इसलिए यह remittance उसी सालाना लिमिट में गिना जाता है।
क्या लिमिट में निवेश के साथ पढ़ाई की फ़ीस भी आती है?
हाँ। इसमें वे current-account और capital-account लेन-देन मिलाकर आते हैं जिनकी इजाज़त है।
यह लेसन किन स्रोतों पर आधारित है
- Foreign Exchange Management (Current Account Transactions) Rules, 2000 — Schedule III
- RBI — Liberalised Remittance Scheme (RBI FAQ on LRS)
इस लेसन के अंग्रेज़ी मूल को इन स्रोतों से मिलाकर स्वतंत्र रूप से जाँचा गया है (8 अक्टूबर 2026)। यह उसी का हिन्दी अनुवाद है, जिसे अंग्रेज़ी से मिलाकर अलग से जाँचा गया है। नियम बदलते रहते हैं: किसी भी आँकड़े पर भरोसा करने से पहले मौजूदा regulation, scheme document या policy wording देख लें। यह सिर्फ़ शिक्षा है, सलाह नहीं।

