Remittance पर TCS और उसका क्रेडिट कैसे मिलता है
जब कोई निवासी (resident) Liberalised Remittance Scheme के तहत विदेश पैसा भेजता है, तो बैंक tax collected at source (TCS) लेता है। इस लेसन में अक्टूबर 2026 की स्थिति की सीमा (threshold) और रेट बताए गए हैं, रकम का हिसाब दिखाया गया है, और समझाया गया है कि इसका क्रेडिट income tax में कैसे मिलता है।
यह क्या है
जब कोई निवासी Liberalised Remittance Scheme (LRS) के तहत विदेश पैसा भेजता है, तो remittance करने वाला बैंक भेजने वाले से TCS लेता है, जब उस साल के remittance एक सीमा (threshold) पार कर जाते हैं। यह नियम Income-tax Act, 2025 का section 394 है (1961 के Act का section 206C(1G))।
TCS टैक्स को पहले से ले लेने का एक तरीका है। यह पैसा भेजने का कोई शुल्क नहीं है, और विदेश पहुँचने के बाद पैसे का नतीजा कैसा रहता है, इससे इसका कोई लेना-देना नहीं है।
सीमा और रेट
अक्टूबर 2026 की स्थिति के रेट: जब तक किसी व्यक्ति के एक वित्त वर्ष के LRS remittance सब मिलाकर ₹10 लाख पार नहीं करते, तब तक कोई TCS नहीं लिया जाता। पुरानी जानकारी में ₹7 लाख लिखा मिलता है, जो 1 अप्रैल 2025 से पहले की सीमा थी।
सीमा से ऊपर रेट इस पर टिका है कि पैसा किस काम के लिए भेजा गया। निवेश और दूसरे कामों के लिए यह 20% है, और पढ़ाई और इलाज के लिए 2% (1 अप्रैल 2026 से पहले 5%)। जिस पढ़ाई का पैसा किसी financial institution के लोन से आया है, उस पर TCS नहीं लगता।
रेट सिर्फ़ सीमा से ऊपर की रकम पर लगता है, पूरे remittance पर नहीं। सीमा सभी remittance मिलाकर गिनी जाती है। इसलिए बाद का कोई remittance छोटा हो तब भी उस पर TCS लग सकता है, अगर पहले के remittance ₹10 लाख पूरे कर चुके हैं।
इसका क्रेडिट कैसे मिलता है
TCS कोई अतिरिक्त टैक्स नहीं है। जो रकम ली गई, उसे भेजने वाले का पहले से भरा हुआ टैक्स माना जाता है और वह उस साल की income-tax की देनदारी में से घटती है। अगर वह देनदारी से ज़्यादा है, तो ऊपर की रकम रिफ़ंड होती है।
इसकी कीमत cash flow के रूप में चुकानी पड़ती है। जब तक क्रेडिट या रिफ़ंड नहीं आता, तब तक वह पैसा भेजने वाले के हाथ में नहीं होता।
नियम एक नज़र में
एक साल में दो remittance
प्रिया, 47 साल, जयपुर में रहने वाली निवासी हैं। वे मई में ₹8,00,000 और नवंबर में ₹7,00,000 भेजती हैं, दोनों विदेश में निवेश के लिए। उस वित्त वर्ष में वे कोई और remittance नहीं करतीं।
मई में कोई TCS नहीं लिया जाता, क्योंकि ₹8,00,000 सीमा से नीचे है। नवंबर के remittance से उनका कुल ₹15,00,000 हो जाता है, जो ₹10,00,000 से ₹5,00,000 ऊपर है। नवंबर के remittance पर 20% × 5,00,000 = ₹1,00,000 का TCS लिया जाता है।
रकम वही, काम अलग-अलग
- एक निवासी एक वित्त वर्ष में LRS के तहत ₹25,00,000 भेजता है और कोई और remittance नहीं करता। सीमा से ऊपर की रकम: ₹25,00,000 − ₹10,00,000 = ₹15,00,000। रेट अक्टूबर 2026 की स्थिति के हैं।
- अगर पैसा निवेश के लिए है: 20% × 15,00,000 = ₹3,00,000।
- अगर पैसा पढ़ाई के लिए है, और लोन से नहीं आया: 2% × 15,00,000 = ₹30,000।
- अगर पैसा ऐसी पढ़ाई के लिए है जो financial institution के लोन से हो रही है: कुछ नहीं।
- क्रेडिट, निवेश वाली स्थिति लेकर और पहले से भरे किसी और टैक्स को छोड़कर: अगर भेजने वाले की उस साल की income-tax की देनदारी ₹4,50,000 है (मानी हुई रकम), तो बाकी भरना है ₹4,50,000 − ₹3,00,000 = ₹1,50,000। अगर देनदारी ₹2,20,000 है (मानी हुई), तो रिफ़ंड है ₹3,00,000 − ₹2,20,000 = ₹80,000।
नतीजा। ₹25,00,000 पर TCS निवेश के लिए ₹3,00,000 है, पढ़ाई के लिए ₹30,000 है, और लोन से हो रही पढ़ाई के लिए कुछ नहीं। जहाँ TCS लिया जाता है, वह उस साल के income tax में से घटता है या रिफ़ंड होता है।
मुख्य बातें
- एक वित्त वर्ष में LRS के सभी remittance मिलाकर ₹10 लाख तक कोई TCS नहीं (1 अप्रैल 2025 से पहले ₹7 लाख)।
- सीमा से ऊपर: निवेश और दूसरे कामों के लिए 20%; पढ़ाई और इलाज के लिए 2% (रेट अक्टूबर 2026 की स्थिति के)।
- Financial institution के लोन से हो रही पढ़ाई पर TCS नहीं लगता।
- TCS सिर्फ़ सीमा से ऊपर की रकम पर लगता है।
- TCS का क्रेडिट भेजने वाले की income-tax की देनदारी में मिलता है या यह रिफ़ंड होता है; यह कोई अतिरिक्त टैक्स नहीं है, लेकिन तब तक पैसा अटका रहता है।
आम ग़लतफ़हमियाँ
- TCS विदेश में निवेश पर कोई अतिरिक्त टैक्स नहीं है। इसका क्रेडिट भेजने वाले की income-tax की देनदारी में मिलता है, या यह रिफ़ंड होता है।
- 20% का रेट पूरे remittance पर नहीं लगता। यह सिर्फ़ उस रकम पर लगता है जो सभी remittance मिलाकर ₹10 लाख की सीमा से ऊपर है।
- ₹7 लाख और 5% अब के आँकड़े नहीं हैं। सीमा 1 अप्रैल 2025 से ₹10 लाख है, और पढ़ाई और इलाज का रेट 1 अप्रैल 2026 से 2% है।
लोग अक्सर पूछते हैं
क्या GIFT IFSC में भेजे गए पैसे पर TCS लगता है?
हाँ। निवासी वहाँ जो पैसा भेजता है वह LRS के तहत जाता है, इसलिए वही सीमा और वही रेट लागू होते हैं।
क्या विदेश में निवेश करने वाले किसी भारतीय mutual fund की यूनिट खरीदने पर LRS वाला TCS लगता है?
नहीं। वे यूनिट रुपये में खरीदी जाती हैं और निवेशक LRS के तहत कोई remittance नहीं करता।
अगर लिया गया TCS उस साल के बनने वाले टैक्स से ज़्यादा हो तो?
ऊपर की रकम रिफ़ंड होती है।
यह लेसन किन स्रोतों पर आधारित है
- Income-tax Act, 2025 — section 394 (Liberalised Remittance Scheme के तहत remittance पर tax collected at source; 1961 के Act का section 206C(1G)), रेट अक्टूबर 2026 की स्थिति के
- RBI — Liberalised Remittance Scheme (RBI FAQ on LRS)
इस लेसन के अंग्रेज़ी मूल को इन स्रोतों से मिलाकर स्वतंत्र रूप से जाँचा गया है (8 अक्टूबर 2026)। यह उसी का हिन्दी अनुवाद है, जिसे अंग्रेज़ी से मिलाकर अलग से जाँचा गया है। नियम बदलते रहते हैं: किसी भी आँकड़े पर भरोसा करने से पहले मौजूदा regulation, scheme document या policy wording देख लें। यह सिर्फ़ शिक्षा है, सलाह नहीं।

