लेसन 12 / 12 · Mutual Fund स्कीम के प्रकार

SEBI Categorisation — 2026 में क्या बदला

SEBI ने 2026 में अपना scheme categorisation नए सिरे से बनाया। यह लेसन बताता है कि 2017 के framework से क्या-क्या बदला: categories की संख्या, नई categories और बदले हुए नाम, equity की बढ़ी हुई कम से कम सीमाएँ, overlap का नियम और नाम का नियम, ताकि पुरानी किताबें और लेख सही ढंग से पढ़े जा सकें।

तथ्य-जाँच: 8 अक्टूबर 2026गेम में 3 प्रैक्टिस सवाल

नियम कहाँ लिखे हैं

Categorisation SEBI के 26 फ़रवरी 2026 के सर्कुलर से नए सिरे से बना, जो अब Master Circular for Mutual Funds का Chapter 3 है। यह SEBI (Mutual Funds) Regulations, 2026 का हिस्सा नहीं है, जो 1 अप्रैल 2026 को लागू हुए।

मौजूदा स्कीम को 26 अगस्त 2026 तक इसका पालन करना था। स्कीम का नाम उसकी category से मेल खाना चाहिए, इसलिए नाम निवेशकों को बताता है कि स्कीम कौन-सा portfolio नियम मानती है।

सूची में क्या बदला

Categories की संख्या 2017 में तय 36 से बढ़कर 40 हुई। दो खास नई categories हैं Life Cycle Funds, जो target date पर बने हैं, और Sectoral Debt Funds, जो कम से कम 80% पाँच नामित sectors में से किसी एक के AA+ और उससे ऊपर की rating वाले बॉन्ड में रखते हैं। Solution-oriented funds अब category के रूप में दर्ज नहीं हैं।

कई debt categories के नाम बदले गए। पुराना Low Duration अब Ultra Short to Short Term Fund है, और Dynamic Bond अब Dynamic Term Fund है। Liquid, Large Cap और Gilt funds 2017 के framework में पहले से थे।

Portfolio के नियमों में क्या बदला

Value, Contra, Dividend Yield और Focused funds को अब कम से कम 80% equity में रखना होता है; 2017 में यह कम से कम सीमा 65% थी।

Fund house अब Value Fund और Contra Fund दोनों दे सकता है, अगर उनके portfolios का overlap 50% से ज़्यादा न हो; पहले वह दोनों में से सिर्फ़ एक दे सकता था। Sectoral और thematic funds के लिए अलग से सीमा है: दूसरी equity स्कीम के साथ overlap 50% से ज़्यादा नहीं।

आकार की सूची और benchmark

कंपनियों को large, mid और small cap में बाँटने वाली सूची AMFI प्रकाशित करता है, SEBI नहीं, हर छह महीने पर, और फंड एक महीने के भीतर rebalance करते हैं।

स्कीम के प्रदर्शन की तुलना उसके benchmark के Total Return Index से की जाती है, जिसमें कीमतों के बदलाव के साथ index की कंपनियों के दिए dividends भी गिने जाते हैं। First-tier benchmark स्कीम की category के हिसाब से होता है। एक category की हर स्कीम एक ही नियम मानती है और उसी तरह के index से नापी जाती है, इसलिए स्कीम की बराबरी की तुलना हो सकती है।

पुरानी किताबें और लेख पढ़ते समय

2026 से पहले लिखी किताबें, लेख और नोट्स 2017 का framework बताते हैं: 36 categories, Focused funds के लिए 65% की कम से कम सीमा, Low Duration और Dynamic Bond जैसे नाम। ये अब इतिहास हैं, मौजूदा नियम नहीं।

नियम एक नज़र में

Categorisation का स्रोतSEBI का 26 फ़रवरी 2026 का सर्कुलर, जो अब Master Circular for Mutual Funds का Chapter 3 हैSEBI (Mutual Funds) Regulations, 2026 का हिस्सा नहीं
Categories की संख्या402017 के framework में 36
मौजूदा स्कीम के लिए पालन की तारीख26 अगस्त 2026SEBI का 26 फ़रवरी 2026 का सर्कुलर
स्कीम का नामस्कीम की category से मेल खाना चाहिएSEBI Master Circular for Mutual Funds, 20 मार्च 2026, Chapter 3
नई categoriesLife Cycle Funds; Sectoral Debt FundsSEBI का 26 फ़रवरी 2026 का सर्कुलर
Debt categories के बदले हुए नामLow Duration अब Ultra Short to Short Term है; Dynamic Bond अब Dynamic Term हैSEBI का 26 फ़रवरी 2026 का सर्कुलर
Value, Contra, Dividend Yield, Focusedकम से कम 80% equity में2017 के framework में 65%
Overlap की ऊपरी सीमाएक fund house के Value और Contra फंड के बीच 50%; sectoral या thematic fund और दूसरी equity स्कीम के बीच 50%SEBI का 26 फ़रवरी 2026 का सर्कुलर
उदाहरण

एक पुरानी किताब और एक नई factsheet (उदाहरण)

नवीन, 26 साल के, जयपुर में छात्र हैं। वे एक पुरानी किताब पढ़ते हैं जिसमें 36 categories, Low Duration Fund और Focused funds के लिए equity की 65% की कम से कम सीमा लिखी है। उनके हाथ में आई एक नई factsheet में एक स्कीम पर Ultra Short to Short Term Fund लिखा है।

किताब और factsheet दोनों उसी 6 से 12 महीने वाले duration band की बात कर रही हैं; किताब में वह नाम है जो अब बदल चुका है। मौजूदा आँकड़े हैं 40 categories और Focused funds के लिए equity की 80% की कम से कम सीमा।

मुख्य बातें

  • Categorisation SEBI के 26 फ़रवरी 2026 के सर्कुलर (Master Circular, Chapter 3) से नए सिरे से बना: 2017 में तय 36 की जगह 40 categories।
  • मौजूदा स्कीम को 26 अगस्त 2026 तक इसका पालन करना था, और स्कीम का नाम उसकी category से मेल खाना चाहिए।
  • Life Cycle Funds और Sectoral Debt Funds नई categories हैं।
  • पुराना Low Duration अब Ultra Short to Short Term है, और Dynamic Bond अब Dynamic Term।
  • Value, Contra, Dividend Yield और Focused funds: equity की कम से कम सीमा 65% से बढ़ाकर 80% की गई।
  • Fund house Value और Contra दोनों फंड दे सकता है, अगर portfolio overlap 50% से ज़्यादा न हो।
  • प्रदर्शन की तुलना स्कीम के benchmark के Total Return Index से की जाती है।

आम ग़लतफ़हमियाँ

  • 2026 का categorisation, SEBI (Mutual Funds) Regulations, 2026 में नहीं है। यह SEBI के 26 फ़रवरी 2026 के सर्कुलर और Master Circular से आता है।
  • Low Duration और Dynamic Bond अब चालू नाम नहीं हैं। इनकी जगह Ultra Short to Short Term और Dynamic Term हैं।
  • Value, Contra, Dividend Yield और Focused funds के लिए 65% की कम से कम सीमा पुरानी हो चुकी है। अब यह 80% है।
  • Benchmark से तुलना सिर्फ़ कीमत वाले index से नहीं होती। इसमें Total Return Index इस्तेमाल होता है, जिसमें dividends शामिल हैं।
  • Large, mid और small cap की सूची SEBI प्रकाशित नहीं करता। यह AMFI करता है, हर छह महीने पर।

लोग अक्सर पूछते हैं

स्कीम के नाम पर कौन-सा नियम लागू है?

नाम स्कीम की category से मेल खाना चाहिए। यह शर्त SEBI के 26 फ़रवरी 2026 के सर्कुलर से आती है, और मौजूदा स्कीम को 26 अगस्त 2026 तक इसका पालन करना था।

2026 में कौन-सी categories नई आईं?

Sectoral Debt Fund और Life Cycle Fund खास नई categories हैं। Liquid, Large Cap और Gilt funds 2017 के framework में पहले से थे।

तुलना के लिए Total Return Index क्यों इस्तेमाल होता है?

इसमें कीमतों के बदलाव के साथ index की कंपनियों के दिए dividends भी गिने जाते हैं, इसलिए benchmark का रिटर्न पूरा नापा जाता है।

यह लेसन किन स्रोतों पर आधारित है

  • SEBI का 26 फ़रवरी 2026 का सर्कुलर, mutual fund स्कीम के categorisation पर
  • SEBI Master Circular for Mutual Funds (20 मार्च 2026) — Chapter 3 (categorisation); Total Return Index के मुकाबले benchmarking
  • SEBI (Mutual Funds) Regulations, 2026 (1 अप्रैल 2026 से लागू)

इस लेसन के अंग्रेज़ी मूल को इन स्रोतों से मिलाकर स्वतंत्र रूप से जाँचा गया है (8 अक्टूबर 2026)। यह उसी का हिन्दी अनुवाद है, जिसे अंग्रेज़ी से मिलाकर अलग से जाँचा गया है। नियम बदलते रहते हैं: किसी भी आँकड़े पर भरोसा करने से पहले मौजूदा regulation, scheme document या policy wording देख लें। यह सिर्फ़ शिक्षा है, सलाह नहीं।

Trustner Group की ओर से मुफ़्त पढ़ाई। Trustner Academy, Trustner Group की एक शिक्षा पहल है। ग्रुप की कंपनियाँ insurance broking और निवेश सेवाओं में काम करती हैं, और इसके दफ़्तर बेंगलुरु, गुवाहाटी, कोलकाता, हैदराबाद और मुंबई में हैं। यहाँ की हर चीज़ सिर्फ़ सीखने के लिए है — यह कोई सलाह, सिफ़ारिश या किसी प्रोडक्ट का ऑफ़र नहीं है। दी गई स्थितियाँ सिर्फ़ उदाहरण के लिए हैं। नियम और आँकड़े बदलते रहते हैं; किसी भी बात पर अमल करने से पहले मौजूदा regulation, scheme document या policy wording ज़रूर देख लें।