म्यूचुअल फंड · मध्यम

Mutual Fund स्कीम के प्रकार

SEBI के 2026 के 40 categories वाले categorisation के तहत mutual fund स्कीम के प्रकार: equity, debt, hybrid और life-cycle funds, index funds, ETFs और fund-of-funds, साथ में यह कि हर category में क्या रखना ज़रूरी है और उसका मुख्य जोखिम क्या है।

12 लेसनतथ्य-जाँच: 8 अक्टूबर 2026
  1. 01SEBI Categorization — 36 से 40 Categories तकSEBI हर mutual fund स्कीम को एक तय category में रखता है, और हर category का अपना portfolio नियम है। यह लेसन बताता है कि ऐसा क्यों है, 40 categories की मौजूदा सूची कैसे बँटी है, और एक category में एक स्कीम का नियम क्या है और किन तीन मामलों में यह लागू नहीं होता।
  2. 02Equity Funds — Large Cap, Mid Cap, Small Cap, Flexi Cap, Multi Capकई equity categories इस बात से तय होती हैं कि उनमें किस आकार की कंपनियाँ रखी जाती हैं: Large Cap, Mid Cap, Small Cap, Large & Mid Cap, Flexi Cap और Multi Cap। यह लेसन बताता है कि हर एक में क्या रखना ज़रूरी है, और कंपनी के आकार के साथ कौन-सा जोखिम आता है।
  3. 03Equity Funds — Value, Contra, Dividend Yield, Focusedचार equity categories कंपनी के आकार से नहीं, निवेश की strategy से तय होती हैं: Value, Contra, Dividend Yield और Focused। यह लेसन हर strategy, equity में कम से कम 80% की शर्त, 30 stocks की सीमा और Value व Contra funds के लिए 50% overlap का नियम समझाता है।
  4. 04Equity Funds — Sectoral और Thematic, ELSSSectoral और Thematic Funds एक sector या एक theme पर टिके होते हैं, और ELSS ऐसा equity fund है जिसमें 3 साल का lock-in होता है और जिस पर tax deduction मिल सकता है। इस लेसन में इनके portfolio नियम, इनके मुख्य जोखिम और ELSS का deduction कैसे काम करता है, यह बताया गया है।
  5. 05Debt Funds — Overnight, Liquid, Money Market, Ultra Short और Short Termसबसे छोटी अवधि वाली debt categories इस बात से तय होती हैं कि उनमें रखी चीज़ों की maturity या Macaulay duration कितनी है: Overnight, Liquid, Money Market, Ultra Short Term, Ultra Short to Short Term और Short Term। यह लेसन इनकी परिभाषाएँ, duration क्या नापती है और कौन-से जोखिम फिर भी बचे रहते हैं, यह समझाता है।
  6. 06Debt Funds — Medium और Long Term, Dynamic Term, Corporate Bond, Credit Risk, Giltलंबी अवधि वाली debt categories Macaulay duration से तय होती हैं, और कई दूसरी इस बात से कि उनमें क्या रखा है: किसी खास rating के बॉन्ड, government securities, बैंक और PSU का debt, floating-rate instruments या कोई एक sector। यह लेसन हर नियम और उनके पीछे के दो जोखिम बताता है।
  7. 07Hybrid Funds — Conservative, Balanced, Aggressive, Dynamic Asset AllocationHybrid funds asset classes को मिलाते हैं, मुख्य रूप से equity और debt को। यह लेसन SEBI की सात hybrid categories बताता है, हर एक में क्या रखना ज़रूरी है, arbitrage इसमें कहाँ आता है, और टैक्स category के नाम से नहीं बल्कि टैक्स कानून की अपनी शर्त से क्यों तय होता है।
  8. 08Solution-Oriented Funds और नए Life Cycle FundsSolution-oriented funds, यानी 2017 के framework के Retirement और Children's Funds, अब category नहीं हैं, और 2026 के categorisation में target date पर बने Life Cycle Funds जुड़े हैं। यह लेसन बताता है कि क्या बदला और Life Cycle के exit load कैसे काम करते हैं।
  9. 09Index Funds और ETFs — Passive निवेशIndex funds और exchange-traded funds (ETFs) passive स्कीम हैं, जिनका मकसद किसी market index को track करना है, उसे मात देना नहीं। यह लेसन बताता है कि दोनों कैसे खरीदे और बेचे जाते हैं, tracking error क्या नापता है और इनके खर्चों पर क्या सीमा है।
  10. 10Fund of Funds और International FundsFund of funds दूसरी mutual fund स्कीम की यूनिट में निवेश करता है, और international funds विदेश में listed securities में निवेश करते हैं। इस लेसन में खर्च की दो परतें, currency risk, विदेशी निवेश की सीमाएँ और gold fund of funds कैसे काम करता है, यह बताया गया है।
  11. 11Category का नाम पढ़ना — यह क्या बताता है और क्या नहींCategory का नाम निवेशक को बताता है कि स्कीम में क्या रखना ज़रूरी है, यह नहीं कि उसका प्रदर्शन कैसा रहेगा। यह लेसन बताता है कि नाम क्या तय करता है, एक category की स्कीम में overlap क्यों होता है, नाम के साथ दिखने वाले जोखिम के दो लेबल क्या हैं, और नाम क्या नहीं बताता।
  12. 12SEBI Categorisation — 2026 में क्या बदलाSEBI ने 2026 में अपना scheme categorisation नए सिरे से बनाया। यह लेसन बताता है कि 2017 के framework से क्या-क्या बदला: categories की संख्या, नई categories और बदले हुए नाम, equity की बढ़ी हुई कम से कम सीमाएँ, overlap का नियम और नाम का नियम, ताकि पुरानी किताबें और लेख सही ढंग से पढ़े जा सकें।

Trustner Group की ओर से मुफ़्त पढ़ाई। Trustner Academy, Trustner Group की एक शिक्षा पहल है। ग्रुप की कंपनियाँ insurance broking और निवेश सेवाओं में काम करती हैं, और इसके दफ़्तर बेंगलुरु, गुवाहाटी, कोलकाता, हैदराबाद और मुंबई में हैं। यहाँ की हर चीज़ सिर्फ़ सीखने के लिए है — यह कोई सलाह, सिफ़ारिश या किसी प्रोडक्ट का ऑफ़र नहीं है। दी गई स्थितियाँ सिर्फ़ उदाहरण के लिए हैं। नियम और आँकड़े बदलते रहते हैं; किसी भी बात पर अमल करने से पहले मौजूदा regulation, scheme document या policy wording ज़रूर देख लें।