Employees' State Insurance (ESI) बनाम Private Group Cover
Employees' State Insurance एक कानूनी (statutory) सामाजिक-सुरक्षा स्कीम है; private group health insurance अपनी मर्ज़ी का (voluntary) लाभ है जो बीमा कंपनी से खरीदा जाता है। यह lesson तुलना करता है कि किसे कवर मिलता है, पैसा कौन भरता है, और हर एक क्या देता है।
ESI: एक कानूनी स्कीम
Employees' State Insurance (ESI) कानून से बनी एक सामाजिक-सुरक्षा स्कीम है। यह अब Code on Social Security, 2020 के तहत आती है, जो 21 नवंबर 2025 से लागू है, और इसे Employees' State Insurance Corporation (ESIC) चलाता है। Code ESIC का दायरा पूरे देश तक बढ़ाता है।
यह दायरे में आने वाले संस्थानों के उन कर्मचारियों को कवर करती है जिनका वेतन (wages) ₹21,000 प्रति माह तक है। इससे ज़्यादा कमाने वाले कर्मचारी आम तौर पर ESI में कवर नहीं होते। यह सीमा notify किया हुआ आँकड़ा है और बदली जा सकती है।
पैसा कौन भरता है, और ESI क्या देता है
ESI दोनों तरफ़ के contributions से चलती है। Employer वेतन का 3.25% देता है और कर्मचारी 0.75%, यानी कुल 4%। ये अक्टूबर 2026 की स्थिति की दरें हैं; ये notification से तय होती हैं और बदल सकती हैं।
बदले में ESI दो तरह के लाभ देती है। एक है medical care। दूसरा है नकद लाभ: sickness, maternity, disablement और dependants' benefit। Sickness benefit नकद में दिया जाता है, उस वेतन के कुछ हिस्से की जगह जो बीमित कर्मचारी के काम न कर पाने के दौरान छूट जाता है। हर नकद लाभ की दर और अवधि स्कीम के नियमों से तय होती है।
Private group health कवर
Private group health insurance एक अलग चीज़ है। यह अपनी मर्ज़ी का (voluntary) लाभ है जिसे employer अपने कर्मचारियों के लिए बीमा कंपनी से खरीदता है। कोई कानून इसे ज़रूरी नहीं करता।
यह indemnity कवर है: यह पॉलिसी में लिखे sum insured तक अस्पताल में भर्ती के खर्च चुकाता है। इसमें क्या कवर है और कौन सी लिमिट लागू हैं, यह policy wording पर निर्भर करता है। यह आम तौर पर बीमारी के दौरान छूटे वेतन की भरपाई नहीं करता।
तुलना, थोड़े में
ESI अपनी वेतन सीमा के भीतर ज़रूरी है, contributory है, और इसमें medical care के साथ वेतन की जगह मिलने वाले नकद लाभ भी हैं। Group health cover अपनी मर्ज़ी का है, इसका प्रीमियम employer और बीमा कंपनी के बीच का मामला है, और यह सिर्फ़ इलाज के बिल चुकाता है। इसलिए जिस employer के कर्मचारी ₹21,000 की सीमा के दोनों तरफ़ हैं, उसके कुछ कर्मचारी ESI में हो सकते हैं और बाकी के लिए वह चाहे तो group cover खरीद सकता है।
नियम एक नज़र में
उदाहरण: एक ही बीमारी, दोनों में
रवि दायरे में आने वाली एक फ़ैक्टरी में सीमा से कम वेतन पर काम करते हैं और ESI में बीमित व्यक्ति हैं। वे बीमार पड़ते हैं और कुछ हफ़्ते काम नहीं कर पाते। ESI उन्हें medical care देती है, और जो वेतन उनका छूटता है उसके कुछ हिस्से की जगह नकद sickness benefit भी देती है।
उनकी चचेरी बहन अनीता एक दूसरी कंपनी में सीमा से ज़्यादा कमाती हैं, और उस कंपनी ने अस्पताल में भर्ती की एक ग्रुप पॉलिसी खरीदी है। जब वे अस्पताल में भर्ती होती हैं, तो पॉलिसी sum insured तक उनके इलाज के admissible (यानी पॉलिसी के हिसाब से बनने वाले) खर्च चुकाती है। जो salary उनकी छूट सकती है, उसके लिए यह कुछ नहीं देती; गैरहाज़िरी के दौरान उन्हें पैसा मिलेगा या नहीं, यह उनके employer के leave के नियमों पर निर्भर करता है।
एक महीने के ESI contributions (वेतन माना हुआ है)
- मान लीजिए एक बीमित कर्मचारी का महीने का वेतन ₹18,000 है, जो ₹21,000 की सीमा के भीतर है।
- Employer का contribution: 3.25% × ₹18,000 = ₹585।
- कर्मचारी का contribution: 0.75% × ₹18,000 = ₹135।
- कुल: ₹585 + ₹135 = ₹720, जो 4% × ₹18,000 है।
नतीजा। महीने में ₹720 का contribution जाता है: ₹585 employer की तरफ़ से और ₹135 कर्मचारी की तरफ़ से।
मुख्य बातें
- ESI, Code on Social Security, 2020 के तहत एक कानूनी (statutory) स्कीम है, जिसे ESIC चलाता है।
- यह दायरे में आने वाले संस्थानों के उन कर्मचारियों को कवर करती है जिनका वेतन (wages) ₹21,000 प्रति माह तक है।
- Contributions: employer वेतन का 3.25% और कर्मचारी 0.75%, कुल 4%।
- ESI medical care और नकद लाभ देती है: sickness, maternity, disablement और dependants' benefit।
- Private group health insurance अपनी मर्ज़ी का (voluntary) है और sum insured तक अस्पताल में भर्ती के खर्च चुकाता है।
- अस्पताल में भर्ती की ग्रुप पॉलिसी आम तौर पर छूटे वेतन की भरपाई नहीं करती; ESI का sickness benefit कुछ हद तक करता है।
आम ग़लतफ़हमियाँ
- ESI कोई ऐसी बीमा पॉलिसी नहीं है जिसे employer अपनी मर्ज़ी से खरीदे। यह वेतन सीमा के भीतर के कर्मचारियों के लिए कानूनी (statutory) स्कीम है।
- कानून Group health insurance को ज़रूरी नहीं बनाता। यह अपनी मर्ज़ी का (voluntary) लाभ है।
- 4% अकेला employer नहीं भरता। 3.25% employer से आता है और 0.75% कर्मचारी से।
- अस्पताल में भर्ती की पॉलिसी ESI के नकद लाभों की जगह नहीं ले सकती। यह इलाज के खर्च चुकाती है और आम तौर पर वेतन की भरपाई नहीं करती।
लोग अक्सर पूछते हैं
ESI कौन चलाता है?
Employees' State Insurance Corporation (ESIC)।
क्या ₹30,000 प्रति माह कमाने वाला कर्मचारी ESI में कवर है?
₹21,000 की सीमा से ज़्यादा कमाने वाले कर्मचारी आम तौर पर ESI में कवर नहीं होते।
Sickness benefit कितने समय तक और किस दर से मिलता है?
दर और अवधि स्कीम के नियमों से तय होती है।
यह लेसन किन स्रोतों पर आधारित है
- Code on Social Security, 2020 (Employees' State Insurance)
- ESI के contribution की दरें और वेतन सीमा, जैसी notify की गई हैं (अक्टूबर 2026 की स्थिति)
इस लेसन के अंग्रेज़ी मूल को इन स्रोतों से मिलाकर स्वतंत्र रूप से जाँचा गया है (8 अक्टूबर 2026)। यह उसी का हिन्दी अनुवाद है, जिसे अंग्रेज़ी से मिलाकर अलग से जाँचा गया है। नियम बदलते रहते हैं: किसी भी आँकड़े पर भरोसा करने से पहले मौजूदा regulation, scheme document या policy wording देख लें। यह सिर्फ़ शिक्षा है, सलाह नहीं।

