Corporate पेंशन स्कीम — Superannuation Fund का प्रबंधन
रिटायरमेंट के वे फ़ायदे जिनका इंतज़ाम employer कर्मचारियों के लिए करता है: Code on Social Security, 2020 के तहत कानूनन ज़रूरी provident fund और gratuity, defined-benefit और defined-contribution किस्म की superannuation स्कीम, NPS में employer का contribution, और इन पर टैक्स कैसे लगता है।
कानून से मिलने वाले फ़ायदे
रिटायरमेंट के कुछ फ़ायदे कानून के तहत ज़रूरी हैं। Employees' Provident Fund अब Code on Social Security, 2020 के तहत है, जो 21 नवंबर 2025 से लागू है और जिसमें पहले के provident fund और gratuity के Act समा गए। यह 20 या उससे ज़्यादा कर्मचारियों वाले establishment पर लागू होता है। Employer और कर्मचारी, दोनों wages का 12% जमा करते हैं; employer के 12% में से wages का 8.33% Employees' Pension Scheme में जाता है। Wage ceiling ₹15,000 महीना ही है।
Code के तहत gratuity 15/26 × आखिरी wages × नौकरी के साल होती है, जिसमें छह महीने से ज़्यादा का अधूरा साल पूरा साल गिना जाता है, और इसकी ऊपरी सीमा ₹20,00,000 है। Fixed-term कर्मचारी को अब एक साल की नौकरी के बाद pro rata gratuity मिलती है (पहले पाँच)।
Superannuation: employer की अपनी स्कीम
Superannuation स्कीम पेंशन का वह इंतज़ाम है जो employer अपने कर्मचारियों के लिए करता है, कानूनन ज़रूरी फ़ायदों के साथ-साथ। Employer के contribution की दर कोई कानून तय नहीं करता: हर स्कीम इसे अपने नियमों में तय करती है, जैसे basic salary के प्रतिशत के रूप में, और यह दर हर employer में अलग होती है।
फंड को कोई लाइफ बीमा कंपनी चला सकती है या employer का बनाया हुआ trust। Group superannuation, group gratuity और group leave-encashment स्कीम employer-employee ग्रुप प्रोडक्ट हैं, जिन्हें IRDAI के 12 जून 2024 के Master Circular on Life Insurance Products के तहत लाइफ बीमा कंपनियाँ दे सकती हैं। कई employer अपने कर्मचारियों के NPS खातों में भी contribution करते हैं।
Defined benefit, defined contribution और जोखिम किसका
Defined-benefit स्कीम में पेंशन एक फ़ॉर्मूले से तय होती है, और अगर फंड उसे चुकाने के लिए छोटा पड़ जाए तो कमी का जोखिम employer उठाता है। Defined-contribution स्कीम में फ़ायदा उतना ही होता है जितना contribution और उन पर हुई निवेश की कमाई मिलकर बनाते हैं।
इसलिए जो defined-contribution स्कीम unit-linked, बाज़ार से जुड़े फंड में निवेश करती है, उसमें निवेश का जोखिम वे कर्मचारी उठाते हैं जो उसके सदस्य हैं। जहाँ बीमा कंपनी किसी फ़ायदे की गारंटी देती है, वहाँ उस गारंटी का जोखिम बीमा कंपनी उठाती है। जोखिम किस पर पड़ेगा, यह स्कीम की बनावट से तय होता है, स्कीम पर लगे नाम से नहीं।
टैक्स
Finance Act, 2020 के बाद से, कर्मचारी के provident fund, NPS और superannuation fund में employer के contribution आपस में जोड़े जाते हैं, और साल में ₹7,50,000 से ऊपर के हिस्से पर कर्मचारी के हाथ में perquisite के तौर पर टैक्स लगता है। यह लिमिट तीनों के कुल जोड़ पर लागू होती है, हर एक पर अलग-अलग नहीं।
Employer के NPS contribution पर कर्मचारी को Income-tax Act, 2025 के section 124(2) (पुराना section 80CCD(2)) के तहत deduction मिलता है: government employer के लिए वेतन के 14% तक और बाकी के लिए 10% तक; new regime में 14% सभी पर लागू है।
रिटायरमेंट के बाद मिलने वाली पेंशन या annuity पर, जिस साल वह मिलती है उसी साल, पूरा टैक्स लगता है। कुछ एकमुश्त रकमें, जैसे commute की गई पेंशन या gratuity, Act के section 19 की लिमिट के भीतर टैक्स से छूट पा सकती हैं।
नियम एक नज़र में
एक ही कंपनी ग्रुप में दो स्कीम
उदाहरण: एक इंजीनियरिंग कंपनी 2010 से पहले आए स्टाफ़ के लिए एक पुरानी स्कीम चलाती है, जो वेतन और नौकरी के सालों के फ़ॉर्मूले से निकली पेंशन का वादा करती है। अगर फंड उस रकम से कम पड़ जाए जो फ़ॉर्मूला माँगता है, तो फ़र्क कंपनी भरती है: यह defined benefit है।
बाद में आए स्टाफ़ दूसरी स्कीम में हैं। कंपनी basic salary का एक तय प्रतिशत, जो स्कीम के नियमों में तय है, एक लाइफ बीमा कंपनी के चलाए बाज़ार से जुड़े फंड में जमा करती है। हर सदस्य की पेंशन इस पर निर्भर करती है कि रिटायरमेंट पर उस खाते की value क्या है, इसलिए निवेश का जोखिम सदस्य उठाते हैं: यह defined contribution है।
₹7,50,000 का टेस्ट और gratuity का हिसाब
- मान लीजिए (सिर्फ़ हिसाब समझाने के लिए): एक साल में employer कर्मचारी के provident fund में ₹3,60,000, NPS में ₹4,00,000 और superannuation fund में ₹1,50,000 जमा करता है।
- Employer का कुल contribution = ₹3,60,000 + ₹4,00,000 + ₹1,50,000 = ₹9,10,000।
- Taxable perquisite = ₹9,10,000 − ₹7,50,000 = ₹1,60,000। कोई भी अकेला contribution ₹7,50,000 से ज़्यादा नहीं है; टेस्ट कुल जोड़ पर लगता है।
- Gratuity, अलग मानी हुई स्थिति: आखिरी wages ₹52,000 महीना और नौकरी 19 साल 8 महीने की, जो 20 साल गिनी जाती है।
- Gratuity = 15/26 × ₹52,000 × 20 = ₹30,000 × 20 = ₹6,00,000, जो ₹20,00,000 की ऊपरी सीमा से कम है।
नतीजा। कर्मचारी पर साल के लिए ₹1,60,000 के perquisite पर टैक्स लगता है, और दूसरी मानी हुई स्थिति में gratuity ₹6,00,000 है।
मुख्य बातें
- Provident fund और gratuity Code on Social Security, 2020 के तहत कानूनन ज़रूरी फ़ायदे हैं; superannuation स्कीम employer की अपनी स्कीम के नियमों पर चलती है।
- Employer के superannuation contribution की दर स्कीम के अपने नियम तय करते हैं, कानून नहीं।
- बाज़ार से जुड़ी defined-contribution स्कीम में निवेश का जोखिम सदस्य उठाते हैं; defined-benefit स्कीम में कमी का जोखिम employer उठाता है।
- EPF, NPS और superannuation में employer के contribution कुल मिलाकर साल में ₹7,50,000 से ऊपर हों, तो उन पर कर्मचारी के perquisite के तौर पर टैक्स लगता है।
- रिटायरमेंट के बाद मिलने वाली पेंशन या annuity पर पूरा टैक्स लगता है।
आम ग़लतफ़हमियाँ
- Superannuation के लिए employer के contribution की कोई तय दर नहीं है: हर स्कीम के नियम उसे तय करते हैं।
- ₹7,50,000 की लिमिट हर फंड के लिए अलग नहीं है: provident fund, NPS और superannuation के contribution आपस में जोड़े जाते हैं।
- Superannuation की पेंशन सिर्फ़ इसलिए टैक्स-फ़्री नहीं हो जाती कि उसका पैसा employer ने दिया: पेंशन या annuity मिलने पर उस पर पूरा टैक्स लगता है।
- Defined-contribution स्कीम के सदस्यों से किसी तय पेंशन का वादा नहीं किया जाता: फ़ायदा contribution पर और उनकी कमाई पर निर्भर करता है।
लोग अक्सर पूछते हैं
Superannuation स्कीम provident fund से कैसे अलग है?
Provident fund Code on Social Security, 2020 के तहत कानूनन ज़रूरी फ़ायदा है, जिसमें contribution की दरें कानून तय करता है। Superannuation स्कीम का इंतज़ाम employer करता है और यह अपने नियमों पर चलती है, contribution की दर भी उन्हीं में है।
अगर बीमा कंपनी फ़ायदे की गारंटी दे, तो निवेश का जोखिम कौन उठाता है?
बीमा कंपनी, जितने की वह गारंटी देती है उस पर। गारंटी न हो, तो बाज़ार से जुड़ी defined-contribution स्कीम में जोखिम सदस्य उठाते हैं।
क्या superannuation की ₹1.5 लाख की लिमिट अब भी लागू है?
नहीं। Finance Act, 2020 के बाद से टेस्ट employer के provident fund, NPS और superannuation contribution को मिलाकर साल में ₹7,50,000 का है।
यह लेसन किन स्रोतों पर आधारित है
- Code on Social Security, 2020 (21 नवंबर 2025 से लागू) — provident fund और gratuity
- Finance Act, 2020 — employer के contribution पर ₹7,50,000 की लिमिट
- Income-tax Act, 2025 — sections 19 और 124(2)
- IRDAI Master Circular on Life Insurance Products (12 जून 2024) — employer-employee ग्रुप स्कीम
इस लेसन के अंग्रेज़ी मूल को इन स्रोतों से मिलाकर स्वतंत्र रूप से जाँचा गया है (8 अक्टूबर 2026)। यह उसी का हिन्दी अनुवाद है, जिसे अंग्रेज़ी से मिलाकर अलग से जाँचा गया है। नियम बदलते रहते हैं: किसी भी आँकड़े पर भरोसा करने से पहले मौजूदा regulation, scheme document या policy wording देख लें। यह सिर्फ़ शिक्षा है, सलाह नहीं।

